फिल्म रिव्यूओटीटी

कोल्ड केस: नाम की तरह कहानी और अभिनय भी ठंडा

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कोल्ड केस
कोल्ड केस

कोल्ड केस (मलयालम, अमेज़न प्राइम)

कलाकारपृथ्वीराज सुकुमारन, अदिति बालन

निर्देशक : तनु बाल्की

रेटिंग: 1.5 स्टार

 पृथ्वीराज सुकुमारन, एक अभिनेता, जिनकी मैं काफी प्रशंसा करता हूं, ने फिल्म की रिलीज के बाद एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि फिल्म को देखने के बाद उसके रहस्य को प्रकट करना अपराध है। फिल्म इतनी उबाऊ है कि आप को इसे झेलना मुश्किल हो जाएगा।

यह उन गुमराह सस्पेंस थ्रिलर्स में से एक है, जिनके निर्माता सोचते हैं कि वे तीसरी दुनिया के देश में फिल्म बनाने में बहुत चतुर हैं। इस लिए शॉट्स ‘यूरोपीय’ हैं जैसे कैमरे को सोफे के पीछे, बिस्तर के नीचे, रेफ्रिजरेटर के अंदर आदि से दिखाना। गिरीश गंगाधरन की सिनेमैटोग्राफी कमजोर है । मुझे उसकी पीठ और गर्दन की चिंता है।

फिल्म आखिरकार उतनी ही डरावनी है, जितनी उस दिन जब आपकी पत्नी ने आपको सीधे-सीधे यह कहकर कि आपकी सास स्थायी रूप से रहने आ रही है, आपके साथ मजाक किया था।

कोल्ड केस के सभी पात्र खुद को बहुत गंभीरता से लेते हैं। वे शायद ही कभी मुस्कुराते हैं और कोई भी मजाक नहीं उड़ाता। वे शायद जानते हैं कि फिल्म ही सभी का सबसे बड़ा मजाक है।

अय्यो! वह बहुत पहले था। पृथ्वी अब शांत हो गया है। कोल्ड केस में खोजी पुलिस वाले सत्यजीत के रूप में उसका अभिनय ऐसा लगता है मानो सोच रहा हो कि यह मैं क्या कर रहा हूं। उसके रूखा चेहरा कभी बदलता नहीं है। फिल्म के अंत में पृथ्वी के चेहरे पर मुस्कान दिखती है।डॉ.मनमोहन सिंह के चेहरे पर भी यही भाव थे, जब उन्होंने आखिरकार पद छोड़ दिया था।

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