धारा 377 अनुपयोगी और शर्मनाक : स्वरा भास्कर

बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने कहा है कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 अनुपयोगी और ‘शर्मनाक’ है. स्वरा लेस्बियन, गे बाइसेक्सुअल, तथा ट्रांसजेंडर (एलजीबीटी) समुदाय का समर्थन कर चुकी हैं.

ट्विटर पर चला सवाल-जवाब सत्र

ट्विटर पर रविवार को एक सवाल-जवाब सत्र के दौरान एक प्रशंसक ने उनसे पूछा कि क्या वह एक देश में एक समलैंगिक का किरदार निभाना पसंद करेंगी, जहां इस समुदाय को अभी भी अपनी पहचान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन कर चुकीं स्वरा ने कहा, “हां, क्यों नहीं? पटकथा की मांग के अनुसार मैं किसी भी तरह की भूमिका निभाऊंगी. मेरा मानना है कि धारा 377 अनुपयोगी, शर्मनाक और पूर्व-आधुनिक है! इसे खत्म कर देना चाहिए!”

अनुकरणीय व्यक्तियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “कोई एक नहीं. कैरियर के क्षेत्र में मेरिल स्ट्रीप व जूलियन मूरे और सार्वजनिक जीवन में महात्मा गांधी, नेल्सन मंडेला व मार्टिन लूथर किंग.”

शादी की फिलहाल कोई योजना नहीं

एक प्रशंसक ने उसने पटकथा लेखक हिमांशु शर्मा से शादी के बारे में सवाल पूछा. उन्होंने कहा, “फिलहाल कोई योजना नहीं है. जब फैसला कर लूंगी तो खुशी-खुशी इसकी घोषणा कर दूंगी.”

अरे चिंटू कहता है : जिन विषयों पर लोग बोलने की जल्दी हिम्मत नहीं करते उन पर स्वरा मुखर रहती हैं.